शराब पुरानी हो, तो अच्छा है ,
हर उम्र में रवानी हो, तो अच्छा है।
होठो पे तबस्सुम हो, तो अच्छा है ,
आँखों में सपनें हों, तो अच्छा है।
दुनिया में लोग मिलते हैं , बिछड़ जाते हैं,
ज़िन्दगी में हमसफ़र हो, तो अच्छा है।
बेज़ुबान भी महफ़िल में हैं तमाम ,
मन की बातें समझे कोई , तो अच्छा है।
ग़मे-इश्क़ में डूबना कोई गुनाह नहीं ,
डूबकर उभर जाओ , तो अच्छा है।
फूलों को दामन से लगाना तो आम है ,
कांटें भी दामन से लगाओ , तो अच्छा है।
यूँ ही मिल जाये तो , वो मंज़िल नहीं ,
रास्तों में पत्थर हों , तो अच्छा है।


