इंतज़ार Leave a Comment / My She'r / By Ishaq किस क़दर इंतज़ार में थे हम ,पर उसने सलाम भेजा है। कासिद के हाथों खत लाज़वाब भेजा है ,कब कब रहे साथ, हिसाब भेजा है।