इंतज़ार

यूँ तो हर कदम पे लोग मिलते है,
हम तेरी ही राह तकते जाते हैं।

तुम न आओगे अभी,मालूम है,
फिर भी तेरा इंतज़ार किये जाते है।

तुम करो न करो याद हमें ,
आप हमें बहुत याद आते हैं ।

तन्हाईयों की महफ़िल में हमें ,
तेरे ही अक्स नज़र आते है।

शब् की तारीकियों में हम,
क्यों करवटें बदले जाते हैं।

तुझे मेरा साथ गवारा हो न हो ,
हम तेरे साथ के सपने बुने जातें है।

जाने कब ज़िन्दगी की शाम हो जाये ,
अधूरी हो तुम, क्यों हम अधूरे जिए जाते हैं।



2 thoughts on “इंतज़ार”

  1. Tarique Hanfi

    वाहहह बेहतरीन
    “तुम करो न करो याद हमें ,
    आप हमें बहुत याद आते हैं “।

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